Wednesday, January 27, 2016

अवसर मिला तुझे नर तन का....

    तर्ज़-दिल का खिलौना----।
    टेक-अवसर मिला तुझे नर तन का।
            वक्त यही है प्यारे सुमिरण भजन का।।

    1.    चौरासी लाख में श्रेष्ठ यह तन है।
            सच पूछो तो अनमोल रतन है।
                जप नाम तू निसबासर, संयोग बना है सुन्दर।
                    मौका है यह प्रभु से मिलन का।।
    2.    झूठी दुनियाँ से दिल न लगाना।
            इस के धोखे से खुद को बचाना।
                करते हैं सन्त आगाह, बतलाते सीधी राह।
                    ले ले सहारा तू सन्त शरण का।।
    3.    चन्द स्वांस की प्यारे तेरी ज़िन्दगी है।
            बिनस जाए कब पता कुछ नहीं है।
                नाम प्रभु का जपना, काम तेरा है अपना।
                    लक्ष्य यही है इस जीवन का।।
    4.    सन्तों की शिक्षा मान ले दास।
            गुरु चरणों पे रख दृढ़ विश्वास।
                बिगड़ी बन जाए तेरी, पलक न लगती देरी।
                    खत्म होगा चक्कर आवागमन का।।

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