टेक--हर हाल में सतगुरु का जो शुक्र मनाते हैं।
उनके घर खुशियों की होती बरसातें हैं।।
1. है याद जिन्हें दाता हर दात मिले उनको।
बिन माँगें खुशियों की सौगात मिले उनको।।
जो सुख को पाकर के नही मन भरमाते हैं।।
2. हर सुख देने वाले दाता ने नहीं भूलें।
सतसंग की खुशियों के झूले में सदा झूलें।
सतगुरु को बसा दिल में फूले न समाते हैं।।
3. ज्यादा में शुक्र कीजे थोड़े में सब्रा कीजै।
फिर उनकी रहमत को दामन में भर लीजैं।
ये शिक्षा जो माने वही सुख को पाते हैं।।
सतगुरु के वचनों को जो दिल में बसाते हैं
उनके घर खुशियों की होती बरसातें हैं।।
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