तर्ज़--जब हम जवाँ होंगे-----.
टेक--जय जय बुलायेंगे सर को झुकायेंगे।
घर घर तेरे नाम का दीपक जलायेंगे।।
1. तेरे दर पे जीव हज़ारों आते हैं।
पल भर में झोली भर ले जाते हैं।
हम भी तुम्हारे चरणों में दामन फैलायेंगे।।
2. द्वार तेरा बख्शिश का भण्डार है।
नाम तेरा भवसागर उतारनहार है।
युग युग करो तुम राज हम हरदम चाहेंगे।।
3. निज भक्तों की खातिर आप पधारे हैं।
सुन्दर सतगुरु भक्त जनों के प्यारे हैं।
सुन्दर छवि तेरी ये प्यारी दिल में बसायेंगे।।
4. दास की अर्ज़ी ऐ सतगुरु जी मन्ज़ूर करो।
निज भक्ति से दिल मेरा भरपूर करो।
तेरी दया से ही तूझे भगवान पायेंगे।।
टेक--जय जय बुलायेंगे सर को झुकायेंगे।
घर घर तेरे नाम का दीपक जलायेंगे।।
1. तेरे दर पे जीव हज़ारों आते हैं।
पल भर में झोली भर ले जाते हैं।
हम भी तुम्हारे चरणों में दामन फैलायेंगे।।
2. द्वार तेरा बख्शिश का भण्डार है।
नाम तेरा भवसागर उतारनहार है।
युग युग करो तुम राज हम हरदम चाहेंगे।।
3. निज भक्तों की खातिर आप पधारे हैं।
सुन्दर सतगुरु भक्त जनों के प्यारे हैं।
सुन्दर छवि तेरी ये प्यारी दिल में बसायेंगे।।
4. दास की अर्ज़ी ऐ सतगुरु जी मन्ज़ूर करो।
निज भक्ति से दिल मेरा भरपूर करो।
तेरी दया से ही तूझे भगवान पायेंगे।।
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