तर्ज़--नैनों से नैन मिले चार----।
टेक--खुशियों का दिन है आज सतगुरु स्वामी मिले।
धन्य हमारे भाग सतगुरु स्वामी मिले।।
1. आई घड़ी ये कैसी सुहानी।
देखी जो तेरी जोत नूरानी।
नयन सफल हुये आज।।
2. शुभ कर्मों से समय शुभ आया।
पाकर दर्शन भाग मनाया।
पूर्ण हुये सब काज।।
3. दर्शन पाकर मन तृप्ताया।
सहजे ही सुख आनन्द छाया।
पाया है चैन करार।।
4. ऐसी किरपा निशदिन कीजै।
श्री चरणों की प्रीति दीजै।
होता रहे ये दीदार।।
5. सबको मुबारक हो ये घड़ियाँ।
मिलती रहें सदा ऐसी ही खुशियाँ।
दासन दास बलिहार।।
टेक--खुशियों का दिन है आज सतगुरु स्वामी मिले।
धन्य हमारे भाग सतगुरु स्वामी मिले।।
1. आई घड़ी ये कैसी सुहानी।
देखी जो तेरी जोत नूरानी।
नयन सफल हुये आज।।
2. शुभ कर्मों से समय शुभ आया।
पाकर दर्शन भाग मनाया।
पूर्ण हुये सब काज।।
3. दर्शन पाकर मन तृप्ताया।
सहजे ही सुख आनन्द छाया।
पाया है चैन करार।।
4. ऐसी किरपा निशदिन कीजै।
श्री चरणों की प्रीति दीजै।
होता रहे ये दीदार।।
5. सबको मुबारक हो ये घड़ियाँ।
मिलती रहें सदा ऐसी ही खुशियाँ।
दासन दास बलिहार।।
No comments:
Post a Comment