Monday, January 25, 2016

तर्ज़-दो भक्ताँ नूँ फोटो----।
टेक-तेरे चरणों में सर रख दिया है, भार ये उठाना पड़ेगा।
        जैसा तैसा हूँ दाता मैं तेरा, चरणों से लगाना पड़ेगा।।

1.    मैं जीव हूँ तेरे सहारे, जग से न्यारे हैं तेरे नज़ारे।
        आज खोलो इलाही भण्डारा, जाम मुझको पिलाना पड़ेगा।।

2.    मैंने तन मन तुझपे लुटाया, अपना साथी है तुझको बनाया।
        हम तेरे हैं तेरे रहेंगे, मुझको अपना बनाना पड़ेगा।।

3.    मैंने तुझ संग नेह लगाया, सारी दुनियाँ को मैंने भुलाया।
        इक सतगुरु जी हैं मेरे अपने, सारे जग को सुनाना पड़ेगा।।

4.    तेरे उपकार भूल न सकते, करके दीदार दुःख सारे कटते।
        दास ने चरण पकड़े हैं तेरे, अब तो नाता निभाना पड़ेगा।।

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