Tuesday, January 19, 2016

भजन 19.01.2016

तर्ज़- आ लौट के आजा मेरे मीत------।
टेक- आ दर्श दिखा दे गुरुदेव तुझे तेरे लाल(दास) बुलाते हैं।
     तुझे रो रो पुकारें मेंरे नैयन, तुझे तेरे दास बुलाते हैं।।

1.   आँखों के आँसूं  सूख चुके हैं, अब तो दर्श दिखा दे।
         कब से खड़े हैं दर पर तेरे, मन की तू प्यास बुझा दे।
             तेरी लीला निराली गुरुदेव, तुझे तेरे दास बुलाते हैं।

2.   बीच भँवर में नैया पड़ी है, आकर तू पार लगा दे।
         तेरे सिवा मेरा कोई नहीं है, चरणों से आके लगा ले।
             क्यों देर लगाते गुरुदेव, तुझे तेरे दास बुलाते हैं।।

3.   डूब रहा है सुख का सूरज, गम की बदरिया है छाई।
         उजड़ गई है जीवन की बगिया, मन की कली मुरझाई।
             करे विनती ये बालक आज, तुझे तेरे दास बुलाते हैं।।

4.   वैसे तो तुम हो मन में हमारे, आँखें नहीं मानती हैं।
         इक पल गुरु से ये बिछुड़ कर, रहना नहीं चाहती हैं।
              बरबस बरसायें नीर, तुझे तेरे दास बुलाते हैं।।

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