तर्ज़--तुम्हे भूलना जो चाहा------।
टेक--उपकार तेरे भगवन किस विधि करुँ बखान।
ऊँची है शान तेरी छोटी मेरी ज़ुबान।।
1. जन्मों जन्म से माया के चंगुल में फँस रहा था।
चौरासी के चक्कर में फिर फिर भटक रहा था।
दिये काट तूने बन्धन हो करके मेहरबान।।
2. देकर खज़ाना नाम का कर दिया मालामाल।
सच्चा सरुर पाकर दिल हुआ खुशहाल।
सारी सृष्टि में प्रभु नहीं तुम सा दयावान।।
3. निष्काम सेवा भक्ति की देते सबको शिक्षा।
अपने विरद की हर पल करते हो आप रक्षा।
संयम नियम से चलने का समझाते सच्चा ज्ञान।।
4. विनती ये दास की है चरणों के साये रखना।
पाँचों विकारों से मुझे भगवन बचाये रखना।
आठोंयाम दिल में बस तेरा ही हो माण।।
टेक--उपकार तेरे भगवन किस विधि करुँ बखान।
ऊँची है शान तेरी छोटी मेरी ज़ुबान।।
1. जन्मों जन्म से माया के चंगुल में फँस रहा था।
चौरासी के चक्कर में फिर फिर भटक रहा था।
दिये काट तूने बन्धन हो करके मेहरबान।।
2. देकर खज़ाना नाम का कर दिया मालामाल।
सच्चा सरुर पाकर दिल हुआ खुशहाल।
सारी सृष्टि में प्रभु नहीं तुम सा दयावान।।
3. निष्काम सेवा भक्ति की देते सबको शिक्षा।
अपने विरद की हर पल करते हो आप रक्षा।
संयम नियम से चलने का समझाते सच्चा ज्ञान।।
4. विनती ये दास की है चरणों के साये रखना।
पाँचों विकारों से मुझे भगवन बचाये रखना।
आठोंयाम दिल में बस तेरा ही हो माण।।
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