टेकः-निक्का जेहा कम्म शामाँ तेरे तों कराना ए।।
पहलाँ तेरे चरणाँ विच सीस मैं झुकाना ए।।
1. पहला कम्म शाम मेरे मन विच वस जा।
जिधर वी वेखाँ मैनूं नज़र आवें हसदा।।
तन मन विच नाले अखाँ च वसाना ए।।
2. दूजा कम्म शाम मैनू परवाह नहियों मोक्ष दी।
मैनूं वी चाहिदी तेरे सन्तां नाल दोस्ती।।
तूँइयों दाता भव तों पार लगाना ए।।
3. तीजा कम्म शाम जग जंजाल तों बचा लवो।
सन्तां दी टोली विच नाम मेरा ला लवो।।
सुनों हारां वाले कदी दिलों ना भुलाना ए।।
4. चौथा कम्म शाम मन विचों विषयां नूं निकाल दो।
मन अन्दर ज्योति सच्चे नाम वाली बाल दो।।
अज तेरे रंग विच मैं तां रंग जाना ए।।
5. पँजवां कम्म शाम जी ओ सब कोलों छोटा ए।
अंत वेला आवे होवे कोल खलोता ए।।
हत्थ फड़ मेरा अपने नाल ले जाना ए।।
पहलाँ तेरे चरणाँ विच सीस मैं झुकाना ए।।
1. पहला कम्म शाम मेरे मन विच वस जा।
जिधर वी वेखाँ मैनूं नज़र आवें हसदा।।
तन मन विच नाले अखाँ च वसाना ए।।
2. दूजा कम्म शाम मैनू परवाह नहियों मोक्ष दी।
मैनूं वी चाहिदी तेरे सन्तां नाल दोस्ती।।
तूँइयों दाता भव तों पार लगाना ए।।
3. तीजा कम्म शाम जग जंजाल तों बचा लवो।
सन्तां दी टोली विच नाम मेरा ला लवो।।
सुनों हारां वाले कदी दिलों ना भुलाना ए।।
4. चौथा कम्म शाम मन विचों विषयां नूं निकाल दो।
मन अन्दर ज्योति सच्चे नाम वाली बाल दो।।
अज तेरे रंग विच मैं तां रंग जाना ए।।
5. पँजवां कम्म शाम जी ओ सब कोलों छोटा ए।
अंत वेला आवे होवे कोल खलोता ए।।
हत्थ फड़ मेरा अपने नाल ले जाना ए।।
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