तर्ज़--मुझे प्यार की ज़िन्दगी ----।
टेक--खुशी का नया इक है सन्देश आया।
सबके दिलों में आनन्द छाया।।
1. सुनी गलियों में छायेंगी बहारें।
पाकर दर्शन के सुखद नज़ारे।
दूर हो जायेगा गम का साया।।
2. मन की कल्पना मिट जायेगी।
विरह की ज्वाला बुझ जायेगी।
मिल जायेगी अब शीतल छाया।।
3. मुबारक मुबारक उनको मुबारक।
जिसने सुनाया खुशी का सन्देश।
व्याकुल दिल ने चैन है पाया।।
4. मिली जो खुशी आज करूं क्या ब्यान।
गूँगा गुड़ खाये क्या बतायेगी ज़ुबान।
दास ने कोटि कोटि शुक्र मनाया।।
टेक--खुशी का नया इक है सन्देश आया।
सबके दिलों में आनन्द छाया।।
1. सुनी गलियों में छायेंगी बहारें।
पाकर दर्शन के सुखद नज़ारे।
दूर हो जायेगा गम का साया।।
2. मन की कल्पना मिट जायेगी।
विरह की ज्वाला बुझ जायेगी।
मिल जायेगी अब शीतल छाया।।
3. मुबारक मुबारक उनको मुबारक।
जिसने सुनाया खुशी का सन्देश।
व्याकुल दिल ने चैन है पाया।।
4. मिली जो खुशी आज करूं क्या ब्यान।
गूँगा गुड़ खाये क्या बतायेगी ज़ुबान।
दास ने कोटि कोटि शुक्र मनाया।।
No comments:
Post a Comment