तर्ज़ः-पँख होते तो उड़ आती रे-----
टेकः आना ही पैणा हाराँ वालिया दिल दी आवाज़ सुन के।
क्यों अजे तक मैनूं है टालिया।
1. जदों दा साँवरे तैनू मैं तकिया, साँभ के दिल मैं तेरे लई रखिय़ा।
नजर पई जद तेरी मेरे ते, आके दिल विच तू ही है वसिया।।
दिल दी आवाज़ सुन के, क्यों अज़े तक मैनू है टालिया।।
2. सोहने मेरे दी सोहनी आदावाँ, वेख लवां ताँ ठर ठर जावाँ।
सोहने मुखड़े दा दीदार चाहवाँ, तार्इंयों मुड़ मुड़ झातियाँ पावाँ।।
दिल दी आवाज़ सुन के, क्यों अज़े तक मैनू है टालिया।।
3. रुप सोहणा दिल मेरा खोहवे, वख तैथों मैंनूं होण न होवे।।
दिल करदा तैनू दिल विच वसावाँ, सोहणें साँवरे नूं अपना बनावाँ।।
दिल दी आवाज़ सुन के, क्यों अज़े तक मैनू है टालिया।।
टेकः आना ही पैणा हाराँ वालिया दिल दी आवाज़ सुन के।
क्यों अजे तक मैनूं है टालिया।
1. जदों दा साँवरे तैनू मैं तकिया, साँभ के दिल मैं तेरे लई रखिय़ा।
नजर पई जद तेरी मेरे ते, आके दिल विच तू ही है वसिया।।
दिल दी आवाज़ सुन के, क्यों अज़े तक मैनू है टालिया।।
2. सोहने मेरे दी सोहनी आदावाँ, वेख लवां ताँ ठर ठर जावाँ।
सोहने मुखड़े दा दीदार चाहवाँ, तार्इंयों मुड़ मुड़ झातियाँ पावाँ।।
दिल दी आवाज़ सुन के, क्यों अज़े तक मैनू है टालिया।।
3. रुप सोहणा दिल मेरा खोहवे, वख तैथों मैंनूं होण न होवे।।
दिल करदा तैनू दिल विच वसावाँ, सोहणें साँवरे नूं अपना बनावाँ।।
दिल दी आवाज़ सुन के, क्यों अज़े तक मैनू है टालिया।।
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