Friday, February 5, 2016

सतगुरु तेरा दर्शन पाकर

तर्ज़-अफसाना लिख रही हूँ।
टेक-सतगुरु तेरा दर्शन पाकर , मिली खुशी अपार है।
    बेचैन दिल को मिल गया, चैनो-करार है।।

1.   कब से हम तड़प रहे थे, दर्शन की आस में।
     अब पूरी हुई है आशा, पाया दीदार है।।

2.   कैसी फिज़ा है बदली, प्रभु आने से तेरे।
     हर प्रेमी के हिरदे मे, छाई बहार है।।

3.   खुशियों में झूम रहे हैं, देखो सारे ही प्रेमी।
     सबके ही दिल का गुलशन, हो गया गुलज़ार है।

4.   इस शुभ घड़ी की दास यह , देता है बधाई।
     सतगुरु ने आज बख्शा, हमें अपना प्यार है।।

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