टेकः-सतगुरु मिल गये किस्मत नाल।
असीं ताँ हो गये मालामाल।।
1. एह सुन्दर दरबार बनाया।
सानूँ चरणां नाल मिलाया।
ऐ ताँ किरपा होई अपार।।
2. प्रेमा भक्ति दा रंग छिटकावन।
रूहाँ नूँ निज घर पहुँचावन।
ऐहदे मेहरां दे भरे भण्डार।।
3. तूँ सतगुरु मेरी अखियाँ दा तारा।
लगना हैं सारे जग कोलों प्यारा।
तैथों तन मन देना वार।।
4. दासनदास दी ऐही अरदास।
किरपा करीं प्रभु सदा तूँ खास।
साडी निभ जाये चरणाँ नाल।।
असीं ताँ हो गये मालामाल।।
1. एह सुन्दर दरबार बनाया।
सानूँ चरणां नाल मिलाया।
ऐ ताँ किरपा होई अपार।।
2. प्रेमा भक्ति दा रंग छिटकावन।
रूहाँ नूँ निज घर पहुँचावन।
ऐहदे मेहरां दे भरे भण्डार।।
3. तूँ सतगुरु मेरी अखियाँ दा तारा।
लगना हैं सारे जग कोलों प्यारा।
तैथों तन मन देना वार।।
4. दासनदास दी ऐही अरदास।
किरपा करीं प्रभु सदा तूँ खास।
साडी निभ जाये चरणाँ नाल।।
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