तर्ज़-कभी तेरा दामन न-----।
टेक-कभी साथ तेरा न छूटे सजन।
चाहे जमाना रूठे या छूटे ये तन।।
1. बड़ी मुश्किलों से प्रभु तम्हें पाया।
तेरा साथ पाने कहाँ से मैं आया।
जुदा तेरे चरणों से कभी न हो हम।।
2. मुहब्बत में तेरी सराबोर हूँ मैं।
सदा तेरी रहमत का तलबगार हूँ मैं।
गुज़रता है यादों में हमेशा जीवन।।
3. तेरा राह में अपना सब कुछ लुटा दूँ।
तेरी जुस्तज़ू में खुद को भुला दूँ।
रहूँ तेरी खिदमत में सदा ही मगन।।
4. आप से बिछुड़ कर कहां जाऊँगा मैं।
जिन्दा ही क्यों कर रह पाऊँगा मैं।
चैन भला क्यों कर पाऊँगा मैं।
आप की ही खातिर मिला ये जन्म।।
5. हर पल तुम्ही को दिल में बसाऊँ।
हर शै में हर वक्त बस तुम्हें पाऊँ।
रहूँ तेरा ""प्रेमी'' ही प्रभु हरदम।।
टेक-कभी साथ तेरा न छूटे सजन।
चाहे जमाना रूठे या छूटे ये तन।।
1. बड़ी मुश्किलों से प्रभु तम्हें पाया।
तेरा साथ पाने कहाँ से मैं आया।
जुदा तेरे चरणों से कभी न हो हम।।
2. मुहब्बत में तेरी सराबोर हूँ मैं।
सदा तेरी रहमत का तलबगार हूँ मैं।
गुज़रता है यादों में हमेशा जीवन।।
3. तेरा राह में अपना सब कुछ लुटा दूँ।
तेरी जुस्तज़ू में खुद को भुला दूँ।
रहूँ तेरी खिदमत में सदा ही मगन।।
4. आप से बिछुड़ कर कहां जाऊँगा मैं।
जिन्दा ही क्यों कर रह पाऊँगा मैं।
चैन भला क्यों कर पाऊँगा मैं।
आप की ही खातिर मिला ये जन्म।।
5. हर पल तुम्ही को दिल में बसाऊँ।
हर शै में हर वक्त बस तुम्हें पाऊँ।
रहूँ तेरा ""प्रेमी'' ही प्रभु हरदम।।
No comments:
Post a Comment