Wednesday, February 17, 2016

सन्त शरण जो आयेगा

तर्ज़-घर आया मेरा परदेसी------।
टेक-सन्त शरण जो आयेगा नाम खज़ाना पायेगा।
    दर पर जो झुक जायेगा सर ऊंचा हो जायेगा।।

1.  सतगुरु भाग जगाते हैं रहमत वो बरसाते हैं।
     जागेगा सो पायेगा पायेगा तर जायेगा।।
2.  मन अपना निश्चल कर ले सुरति को उज्जवल कर ले।
     शब्द से सुरति मिलायेगा वो नहीं भटका खायेगा।।
3.  प्रीत लगा गुरु चरणों से स्वाँस लगा ले सुमिरण में।
     जन्म मरण कट जायेगा भव बन्धन कट जायेगा।।
4.  नेक कमाई साथ लिये नाम का तोशा हाथ लिये।
     दरगाह में जो जायेगा मान व इज्ज़त पायेगा।।
5.  गुरु से रिश्ता खास रहे और न कोई आस रहे।
     वो गुरुमुख कहलायेगा चुग चुग मोती खायेगा।।
6.  दास जो मुर्शिद कामिल हो और मुरीद भी आमिल हो।
     प्रभु से वह मिल जायेगा घट में दर्शन पायेगा।।

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