Saturday, March 26, 2016

रंग दो जी मुझे अपने रंग में तमन्ना बड़ी ये कब से।

तर्ज़--तेरे चेहरे से-----।
टेक--रंग दो जी मुझे अपने रंग में तमन्ना बड़ी ये कब से।
जो न उतरे कभी भी ऐसा चढ़ाना रंग मुझ पे।।

1. तुमने लाखों को रंग डाला।
देकर अपना रंग निराला।
तेरी रहमत को सुन करके।
आया मैं सवाली बन के।।
2. जन्मों की बिगड़ी बन जाती।
जिसपे तेरी किरपा हो जाती।
गीत तेरे सदा वो गाये।
बलिहारी जाये तुझ पे।।
3. रंगरेज़ तू है बड़ा महान।
फैली है महिमा सारे जहान।
जन्मों का मैला मन भी।
रंग देते इक पल में।।
4. दास पे भी ज़रा रहमत कर दो।
अपने प्रेम के रंग में रंग दो।
करो विनती मेरी मन्ज़ूर।
          चरणों पे जाऊँ सदके।।

2 comments:

  1. Jai sachidanand g
    Mah g Jo daily bhajan aate hai, unko download karne ka bhi koi link btae..
    Thankuu

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  2. Jai sachidanand g
    Mah g Jo daily bhajan aate hai, unko download karne ka bhi koi link btae..
    Thankuu

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