टेक-याद तेरी आती है हमको बड़ा सताती है।
तेरी ये जुदाई मेरी जान लिये जाती है।।
1.तेरा विछोड़ा हम कैसे सहेंगे,
दिल की कहानी किससे कहेंगे।
तुमने ही हमको सतपथ पे लगाया।
रुहानियत का सही भेद बताया-भेद बताया।।
2.अद्वैत मत के तूने झण्डे लहराये।
सतसंग आश्रम कई जगह बनवाये।
मनमुखों ने कई रोड़े लगाये।
दृढ़ता से सभी काम करके दिखाये।
3.नाम उपदेश सतगुरु का फैलाकर।
अपने शरीर पे कई कष्ट उठाकर।
गुरु सेवा में सारी ज़िन्दगी बिताई।
रूहें कई इस राह पे लगाई-राह पे लगाई।।
तेरी ये जुदाई मेरी जान लिये जाती है।।
1.तेरा विछोड़ा हम कैसे सहेंगे,
दिल की कहानी किससे कहेंगे।
तुमने ही हमको सतपथ पे लगाया।
रुहानियत का सही भेद बताया-भेद बताया।।
2.अद्वैत मत के तूने झण्डे लहराये।
सतसंग आश्रम कई जगह बनवाये।
मनमुखों ने कई रोड़े लगाये।
दृढ़ता से सभी काम करके दिखाये।
3.नाम उपदेश सतगुरु का फैलाकर।
अपने शरीर पे कई कष्ट उठाकर।
गुरु सेवा में सारी ज़िन्दगी बिताई।
रूहें कई इस राह पे लगाई-राह पे लगाई।।
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