Friday, July 29, 2016

तर्ज़-क्या करते थे साजना-----।

तर्ज़-क्या करते थे साजना-----।
टेक-चरणों की भक्ति दो प्रभु दया की दृष्टि करके।
    हम तो हुज़ूरी में सदा ही ये भीख माँगा करते हैं।।
      तेरी सेवा और साधना में लीन रहकर।
      नाम तेरा दिल में बसाकर जीवन गुज़ारा करते हैं।।
1.लागी जो तुझसे लगन ये हमारी।
   नयनन समाई सूरत ये प्यारी।
    निशदिन ही गायें महिमा तुम्हारी।
     पलकों से झाड़ें राह तिहारी।
      तुझको सजन करके नमन प्यार तेरा जो पाये हम।
       बस याद तुझे करते हैं।जीवन गुज़ारा करते हैं।।

2.तुम ही हो सच्चे मीत हमारे।
   सब जग के ओ पालनहारे।
    तुझ संग बाँधी प्रीत की डोरी।
     नैय्या हमारी तेरे सहारे।
      कुर्बान दिलकुर्बान हमहो करके तुझमें सदा ही मगन
       बस तुझको पुकारा करते हैं जीवन गुज़ारा करते हैं।

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