तर्ज़ः- अकले हैं चले आओ
मुखड़ाः- श्री दर्शन भजन सुमरण ध्यान लगाऊं तुम्हारा
यही जीवन का मक्सद हो हमारा
1 तुम्हीं आँखों की ठंडक, जिगर का सहारा
वैकन्ठों से भी बढ़कर, तेरा दीदार प्यारा--श्री दर्शन
2 करे जीवन को उजज्वल, तुम्हीं वो रोशनी हो
जो आकर फिर न जाए, वही साची खुशी हो--
3 तुम्हें दिल में बसाकर, नैयन से नीर बहाऊॅं
ये दासन दास चाहे, प्रभू तुझ को रीझाऊं।
मुखड़ाः- श्री दर्शन भजन सुमरण ध्यान लगाऊं तुम्हारा
यही जीवन का मक्सद हो हमारा
1 तुम्हीं आँखों की ठंडक, जिगर का सहारा
वैकन्ठों से भी बढ़कर, तेरा दीदार प्यारा--श्री दर्शन
2 करे जीवन को उजज्वल, तुम्हीं वो रोशनी हो
जो आकर फिर न जाए, वही साची खुशी हो--
3 तुम्हें दिल में बसाकर, नैयन से नीर बहाऊॅं
ये दासन दास चाहे, प्रभू तुझ को रीझाऊं।
Pls tell how to play the bhajans
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