तर्ज- रहे बखशदां तू किथे होवे
मुखड़ाः- दिन खुशियां दा आया है हज़ूर दातिया,
अज यह दिन मनावेंगे हज़ूर दातिया
1 देवां सबनॅूं वधाई मैं शुभ दिन दी, देवां सबनूं वधाई मैं दर्शन दी
सारी संगत हैं आईयां बड़ी दूरों दातिया, आज यह दिन--
2 चरणां विच तेरे सारे सुख बसदे, चारों पासे अज तेरी मेहर बरसे
इको अर्ज़ है मेरी ए हज़ूर दातिया, आज यह दिन--
3 अखां विच मेरे दरस वसदे, प्यार तेरे दा मिहं बरसे
मेरी विनती करीं तू मन्ज़ूर दातिया, आज यह दिन--
4 दरस तेरे नू सब तरसें, प्यास जगी मन विच सब दे
रहंदा अंखा विच मेरी तेरा नूर दातिया, आज यह दिन---
5 जे किृपा ते मेहर मिल जाए तेरी, खुशियां तों झोली भर जाए मेरी
दुख किते है न सब दे दूर दातिया, आज यह दिन--
मुखड़ाः- दिन खुशियां दा आया है हज़ूर दातिया,
अज यह दिन मनावेंगे हज़ूर दातिया
1 देवां सबनॅूं वधाई मैं शुभ दिन दी, देवां सबनूं वधाई मैं दर्शन दी
सारी संगत हैं आईयां बड़ी दूरों दातिया, आज यह दिन--
2 चरणां विच तेरे सारे सुख बसदे, चारों पासे अज तेरी मेहर बरसे
इको अर्ज़ है मेरी ए हज़ूर दातिया, आज यह दिन--
3 अखां विच मेरे दरस वसदे, प्यार तेरे दा मिहं बरसे
मेरी विनती करीं तू मन्ज़ूर दातिया, आज यह दिन--
4 दरस तेरे नू सब तरसें, प्यास जगी मन विच सब दे
रहंदा अंखा विच मेरी तेरा नूर दातिया, आज यह दिन---
5 जे किृपा ते मेहर मिल जाए तेरी, खुशियां तों झोली भर जाए मेरी
दुख किते है न सब दे दूर दातिया, आज यह दिन--
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