तर्ज़--साजन साजन-------।
टेक--मेरे सतगुरु तेरे उपकार हैं महान।
नहीं ताकत मुझमें करूँ जो ब्यान।।
1. छोड़ अर्श को फर्श पे आये हो तुम।
अपने भक्तों के दिल की पुकार को सुन।
रहमत के सागर तुम भगवान।।
2. लाखों कष्ट उठाये हमारे लिये।
गम चिन्ता फिकर सब दूर किये।
नहीं तुझसा कोई दुनियाँ में दयावान।।
3. देकर नाम का धन कर दिया भरपूर।
भर दिया मेरे दिल में अपना ही नूर।
करूँ क्यों न अपनी किस्मत पर मान।।
4. तेरा दामन नहीं छोड़ेंगे कभी।
दास तुझपे निसार करेंगे ज़िन्दगी।
जब तक मेरे इस तन में हैं प्राण।।
टेक--मेरे सतगुरु तेरे उपकार हैं महान।
नहीं ताकत मुझमें करूँ जो ब्यान।।
1. छोड़ अर्श को फर्श पे आये हो तुम।
अपने भक्तों के दिल की पुकार को सुन।
रहमत के सागर तुम भगवान।।
2. लाखों कष्ट उठाये हमारे लिये।
गम चिन्ता फिकर सब दूर किये।
नहीं तुझसा कोई दुनियाँ में दयावान।।
3. देकर नाम का धन कर दिया भरपूर।
भर दिया मेरे दिल में अपना ही नूर।
करूँ क्यों न अपनी किस्मत पर मान।।
4. तेरा दामन नहीं छोड़ेंगे कभी।
दास तुझपे निसार करेंगे ज़िन्दगी।
जब तक मेरे इस तन में हैं प्राण।।