Sunday, September 25, 2016

सतगुरु का यह शुभ जन्मदिन आया है,

तर्ज- दुल्हे का सेहरा
रुबाईः-शहनाईयों की सदा कह रही है,
जन्मदिन की मुबारक घड़ी आ बई है
सजे चादं तारों में वह कमाल दिख रहें हैं,
 ज़मीं पे फल्क से मेरे भगवन आ गये हैं

मुखड़ाः-सतगुरु का यह शुभ जन्मदिन आया है, खुषियों में आज सब का मन हर्षाया है
जगमग ज्योति जगी है सबके हिरदे में, धरती पर भगवान हमारा आया है

1    तेरी रहमत का सदा यूं, हाथ हो सिर पर,
तेरा सुमरण तेरा दर्षन, करूं तेरे दर पर
तेरा यह दर्षन सुहाना पाया है, धरती पर भगवान हमारा आया है

2    खूबसूरत यह जो घड़ियां आज आई हैं
आज जन्मदिन की लाखों लाख वधाई है
सुन्दर यह सुहाना दर्षन पाया है,धरती पर भगवान हमारा आया है

3    तेरे जेसा रूप न देखा चादॅं सितारों में
ऐसा यह नूरानी जल्वा नहीं बहारों में
प्रेमियों ने आज तुमको पाया है, धरती पर भगवान हमारा आया है

4    आज तेरे दर पर सचखंड का नज़ारा है
       त्रिलोकी में तेरे जेसा नहीं द्वारा है
दासों ने यह दिव्य दर्षन पाया है,धरती पर भगवान हमारा आया है



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