तर्ज़-जन्म जन्म का साथ है----।
टेक-कई जन्मों का साथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा।
कभी न रूठो हमसे स्वामी चाहे रूठे जग सारा।।
1. गवाह हमारे प्यार के सूरज चाँद सितारे।
त्रेता में तुम राम बने और हम वानर तेरे प्यारे।
द्वापर में हम ग्वाले बने और कृष्ण रूप तुम धारा।।
2. कलियुग में तुम सतगुरु सन्त रूप में आये।
कई कोटिन जीवों में हम तेरे गुरुमुख कहलाये।
हर युग में हम तुझसे जुड़े हैं ये सौभाग्य हमारा।।
3. सपने में भी सतगुरु ये बन्धन न टूटे।
तुझसे प्रेम पुराना संग कभी न छूटे।
प्रीत का मार्ग अति कठिन है तेरा एक सहारा।।
4. हर पल ध्यान हो तेरा ये ही विनय हमारी।
आठों पहर आँखों में बसे ये सूरत प्यारी।
मरते दम हो नाम ज़ुबाँ पर ""प्रेमी'' कहे पुकारा।।
टेक-कई जन्मों का साथ है हमारा तुम्हारा हमारा तुम्हारा।
कभी न रूठो हमसे स्वामी चाहे रूठे जग सारा।।
1. गवाह हमारे प्यार के सूरज चाँद सितारे।
त्रेता में तुम राम बने और हम वानर तेरे प्यारे।
द्वापर में हम ग्वाले बने और कृष्ण रूप तुम धारा।।
2. कलियुग में तुम सतगुरु सन्त रूप में आये।
कई कोटिन जीवों में हम तेरे गुरुमुख कहलाये।
हर युग में हम तुझसे जुड़े हैं ये सौभाग्य हमारा।।
3. सपने में भी सतगुरु ये बन्धन न टूटे।
तुझसे प्रेम पुराना संग कभी न छूटे।
प्रीत का मार्ग अति कठिन है तेरा एक सहारा।।
4. हर पल ध्यान हो तेरा ये ही विनय हमारी।
आठों पहर आँखों में बसे ये सूरत प्यारी।
मरते दम हो नाम ज़ुबाँ पर ""प्रेमी'' कहे पुकारा।।
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